उच्च गुणवत्ता वाले नमक का उत्पादन: शोधन प्रक्रिया एवं उपयोग

Authors

  • Bipin Vyas CSIR-Central Salt and Marine Chemicals Research Institute

DOI:

https://doi.org/10.56042/bvaap.v33i1.17410

Keywords:

सोडियम क्लोराइड, नमक परिष्करण, सौर वाष्पीकरण, ब्राइन, नमक शुद्धता, यांत्रिक धुलाई, पुनः क्रिस्टलीकरण, प्रदूषण नियंत्रण।

Abstract

नमक या लवण (सोडियम क्लोराइड) मानव उपभोग और विभिन्न रासायनिक उद्योगों के लिए आवश्यक है। भारत में, यह मुख्य रूप से समुद्री जल और भूमिगत ब्राइन के सौर वाष्पीकरण के माध्यम से उत्पादित होता है। यह समीक्षा लेख में नमक के परिष्करण में शामिल जटिल प्रक्रियाओं  एवं उच्च शुद्धता वाले नमक की प्राप्ति में चुनौतियों व हुई प्रगति का वर्णन है।इस लेख में सौर वाष्पीकरण के दौरान फेज नियम-आधारित लवणों के पृथक्करण पर चर्चा के साथ  संचालन नियंत्रण और ब्राइन घनत्व का नमक की गुणवत्ता पर प्रभाव को उजागर किया गया है। प्रगति के बावजूद, भारत में उच्च शुद्धता वाले नमक का उत्पादन पश्चिमी मानकों से पीछे है। इस लेख में नमक के विभिन्न परिष्करण विधियों, जैसे यांत्रिक धुलाई और पुनःक्रिस्टलीकरण का परीक्षण करते हुये , उनके आर्थिक एवं व्यावहारिक पहलुओं पर जोर दिया गया है। लेख नमक की गुणवत्ता को बढ़ाने के लिए उन्नत तकनीकों  तथा संवर्धित धुलाई प्रक्रियाओं की आवश्यकता को रेखांकित करता है। यह सौर नमक प्रौद्योगिकी को अपनाने, अनुसंधान और विकास को बढ़ावा देने और नमक उद्योग के लिए संगठनात्मक और सरकारी समर्थन सुनिश्चित करने की  अनुसंशा करता है। लेख भारत में परिष्करण प्रक्रियाओं में अंतर्दृष्टि प्रदान करता है, उच्च गुणवत्ता वाले नमक के उत्पादन के लिए वैज्ञानिक और तकनीकी नवाचारों की भी अनुशंसा करता है।

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Published

2025-07-29

How to Cite

उच्च गुणवत्ता वाले नमक का उत्पादन: शोधन प्रक्रिया एवं उपयोग. (2025). Bharatiya Vaigyanik Evam Audyogik Anusandhan Patrika (BVAAP), 33(1), 43-48. https://doi.org/10.56042/bvaap.v33i1.17410

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